2 फ़रवरी 2017 - 15:42
अमेरिका में बढ़ती बेरोज़गारी का कारण यूनिवर्सिटी और कालेजों में हिंसात्मक कार्यवाहियों में वृद्धि।

नॉर्थ वेस्टर्न यूनिवर्सिटी के स्कालरों ने १९९० से लेकर २०१३ तक कालेजों और यूनिवर्सिटी में होने वाली घटनाओं के आंकड़े जुटाकर इसी अवधि की बेरोज़गारी से तुलना की है।

नॉर्थ वेस्टर्न यूनिवर्सिटी के स्कालरों ने १९९० से लेकर २०१३ तक कालेजों और यूनिवर्सिटी में होने वाली घटनाओं के आंकड़े जुटाकर इसी अवधि की बेरोज़गारी से तुलना की है।
इस अध्ययन के अनुसार आर्थिक मुश्किलों के समय कालेजों में होने वाली हिंसा में बढोत्तरी हुई है।
इस रिसर्च में अमेरिकी समाजशास्त्री जान हेगेन ने कहा है कि पढ़ाई ख़त्म करने के बाद रोज़गार का कोई अवसर न होने से निराश और हताश युवा हिंसा की ओर चला जाता है।
उनका कहना है कि आर्थिक संकट के समय कालेजों में सुरक्षा प्रबन्ध ही इस मुश्किल का समाधान है यह रिपोर्ट उस समय प्रकाशित हुई है जब अमेरिका कालेजों में होने वाली गोलीबारी की घटनाओं से जूझ रहा है और यहाँ सशस्त्र लॉबी बहुत मज़बूत है।
इस साल वाशिंगटन, शिकागो, कैलिफोर्निया आदि के कालेजों में गोलीबारी की कई घटनाएं हो चुकी है। अमेरिका रोग नियंत्रण केंद्र के अनुसार अमेरिका में हर साल ३३ हज़ार आदमियों की मौत गोली लगने से होती है। इन आंकड़ों के आधार पर अमेरिका में प्रतिदिन गोली लगने से ८७ आदमियों की मौत होती है तथा १८३ घायल होते हैं।
न्यूयॉर्क डेली की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका में २७० से लेकर ३०० मिलियन तक अर्थात लगभग प्रति व्यक्ति एक हथियार अपने पास रखता है।